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Seven Best Uses of Bajrang Baan


7 Best Uses of Bajrang Baan
बजरंग बाण के 7अचूक उपाय


 हनुमान जी के बजरंग बाण की महिमा अपार है | ऐसी मान्यता है कि जो भक्त नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करते है उनके लिए यह अचूक बाण का कार्य करता है | किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए बजरंग बाण Bajrang Baan का प्रयोग करने से कार्य अवश्य ही सिद्ध होता है | जब भी कोई बजरंग बाण का पाठ करता है तो हनुमानजी स्वयं आसन पर आकर बैठते हैं |

हनुमान साधना को पवित्र होकर स्नान आदि करके ही करना चाहिए |  नियमित रूप से बजरंग बाण Bajrang Baan का पाठ व्यक्ति में साहस बढ़ाने के साथ -साथ सकारात्मक उर्जा का संचार करता है | नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करने से सभी प्रकार से भय आदि से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है |
 यह बजरंग बाण के साथ प्रातःस्मरण और प्रातःकाल सुनने से सभी प्रकार कि समस्याओं, कष्टों, अभावों का नाश होता है और जीवन में सुख, सौभाग्य, उन्नति, यश, ऐश्वर्या प्राप्त होता है |

Bajrang Baan is one of the most effective and powerful instrument in getting the grace of Lord Hanuman. Regular reciting of Bajrang Baan increases the courage and positive energy of the sadhak. Bajrang Baan is a panacea for many problems in today's world. It is tested and effective prayog.

1.Getting A Desired Job - One of the best use of Bajrang Baan is getting a desired job in a shorter period of time. I have seen the results as it is experienced by many of my disciples. The procedure for this sadhna is very simple. Start from any Tuesday. Visit a Hanuman temple nearby and get the " Sindoor" from the temple. Recite the Bajrang Baan 11 times daily for a period of 21 days. Apply the Sindoor on your body daily. You will soon find the desired job.

2.To Destroy Enemies - Sometimes the enemy is strong and circumstances out of control. In such a case Bajrang Baan will definitely help you to get rid of the enemy. Start from any Saturday. Purchase some "Coal"  from the market. Visit a Hanuman temple nearby and take ' Sankalp' to remove the problems of the enemies. Recite the Bajrang Baan in the midnight 14 times per day. Do this sadhna for 7 days and burn the coals in the cremation ground.

3.Karya Siddhi - Recite the Bajrang Baan 5 times a day starting from any wednesday. Do it for 11 days and offer some red clothes and sweets to the pujari of the temple. It is also recommended to recite the Bajrang Baan once before any special meeting or project to get the things done.

4.Enhanced Business & More Customers - Reciting the Bajrang Baan 7 times daily before starting any venture or business helps in enhanced business and attract more customers. Bajtrang Baan makes it easy to handle people and tasks.

5.Health and courage - Reciting the Bajrang Baan before having your meals helps in attracting good health and improves the courage of the sadhak. One should consume only 'Satvik' foods and avoid ' Tamsik' foods at any cost. The results can be seen in 41 days.

6.Fear And Fever - The Bajrang Baan not only removes the fear but also helps to remove the fever of any kind. Take some water and recite the Bajrang Baan 5 times and energize the water. Give this ' energized water' to the person suffering from the fever or flu. You will oberve the results in some minutes. One thing must be remembered that the person reciting the Bajrang Baan should have the continuity of reading it.

7.Success in Interviews & Examinations - Bajrang Baan is of utmost importance when you feel nervous and fear the interviews or examinations. Sit in the front of a mirror and recite the Bajrang Baan 3 times visualizing the powers of Lord Hanuman entering into your aura. You will soon find the remarkable results in interviews and examinations. Students should make a habit to recite the Bajrang Baan daily without any break.


बजरंग  बाण
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान |
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ||

जय हनुमान सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी |
जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै ||

जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा |
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका ||

जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा |
बाग उजारि सिन्धु मंह बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा ||

अक्षय कुमार को मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा |
लाह समान लंक जरि गई। जै जै जै धुनि सुर पुर में भई ||

अब विलंब केहि कारण स्वामी। कृपा करहु उरु अन्तर्यामी |
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होई दुख करहु निपाता ||

जै गिरधर जै जै सुख सागर। सुर समूह समरथ भट नागर |
ॐ हनु-हनु-हनु हनुमंत हठीले। वैरहिं मारू बज्र की कीलै।|

गदा बज्र तै बैरिहीं मारौ। महाराज प्रभु दास उबारों |
ओंकार हुंकार महावे। बज्र गदा सदा विलम्ब न लावो ||

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुँ हुँ हुँ हनु अरि उर शीसा |
सत्य होहु हरि शपथ पाय कै। राम दुत धरू मारू जाई कै ||

जै जै जै हनुमन्त अनन्त अगाधा। दुःख पावत जन केहि अपराधा |
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत है दास तुम्हारा ||

वन उपवन मग गिरी गृह माहीं। तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं |
पांय परौं कर जोरि मनावौं, येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ||

जय अंजनि कुमार बलवन्ता, शंकर सुवन वीर हनुमन्ता  |
बदन कराल काल कुल घालक, राम सहाय सदा प्रतिपालक ||

भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर, अग्नि बेताल काल मारी मर  |
इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की, राखउ नाथ मरजाद नाम की  ||

जनकसुता हरि दास कहावो, ताकी शपथ विलम्ब न लावो |
जै जै जै धुनि होत अकासा, सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा  ||

चरन शरण कर जोरि मनावौं, यहि अवसर अब केहि गोहरावौं  |
उठु उठु चलु तोहि राम दुहाई, पांय परौं कर जोरि मनाई ||

ॐ चं चं चं चं चपल चलंता, ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता |
  हं हं हांक देत कपि चंचल,  सं सं सहमि पराने खल दल  ||

अपने जन को तुरत उबारो, सुमिरत होय आनंद हमारो |
 यह बजरंग बाण जेहि मारै, ताहि कहो फिर कौन उबारै ||

पाठ करै बजरंग बाण की, हनुमत रक्षा करै प्राण की  |
यह बजरंग बाण जो जापै, ताते भूत-प्रेत सब कांपै  ||
धूप देय अरु जपै हमेशा, ताके तन नहिं रहै कलेशा ||

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै। सदा धरैं उर ध्यान |
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ||

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Some Useful Links
हनुमान महामाला मन्त्र 

Shabar Mantra For Extreme Strength & Power
हनुमान रक्षा मंत्र
Mantra To Control Enemies 

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