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Mantra For Illicit Relations - सौत से पति का उच्चाटन करने का मंत्र


Mantra For Illicit Relations
सौत से पति का उच्चाटन मंत्र


कई बार जीवन में ऐसा होता की पति अन्य किसी स्त्री के जाल में फँस जाता है और पत्नी की तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं देता है | पत्नी और बच्चों का सारा जीवन नरक बन जाता है और सारा दांपत्य जीवन निष्फल हो जाता है | ऐसे में पति और पत्नी की भयंकर लड़ाई होती है और भविष्य अन्धकार में चला जाता है |

उस समय यह प्रयोग राम बाण की तरह कार्य करता है | इस प्रयोग को बृहस्पतिवार रात से प्रारंभ किया जा सकता है | सामने सियार सिंगी और दो हक़ीक पत्थर रख लें | एक पत्थर पर पति का नाम लिखें और दुसरे पर उस स्त्री का जो की आप की सौत है | सामने तेल का दीपक जगा दें और पश्चिम दिशा की और मुहं कर बैठें | ५ या ११ दिनों में इस मंत्र का ५००० जप हक़ीक माला से पूर्ण कर लें | जप पूरा होने के बाद उस हक़ीक पत्थर को जिस पर सौत का नाम लिखा है किसी सुनसान जगह पर जमीन में गाढ दें | जिस पत्थर पर पति का नाम लिखा है उसे सियार सिंगी के साथ अपने साथ संदूक में रख लें |

मंत्र – "ॐ अंजनी पुत्र पवन सूत हनुमान वीर वैताल साथ लावे मेरी सौत “अमुक“ से पति को उच्चाटन करे करावे मुझे वेग पति मिले मेरा कारज सिद्ध न करे तो राजा राम की दुहाई |"


ऐसा करने से कुछ ही दिनों में पति का सौत से भयंकर झगड़ा हो जायेगा और आपका पति सौत का मुहं भी देखना पसंद नहीं करेगा | इन दिनों में सात्विक रहें और केवल एक ही समय पर भोजन करें | परीक्षित और अनुभूत प्रयोग है |


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