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PreVedic Bhairav Dhyan & Raksha Mantra


PreVedic Bhairav Dhyan & Raksha Mantra
वैदिक भैरव ध्यान एवं भैरव रक्षा मन्त्र 

भैरव का अर्थ है जीवन में आने वाली सभी अड़चनों को  पहले से ही समाप्त कर देना |  यह भैरव का रक्षा मंत्र है | भैरव भगवान् शिव का रूद्र रूप है जो किसी भी देव यक्ष वास्तु और व्यक्ति को नष्ट करने में सक्षम है |  भैरव की उत्पत्ति केवल दण्ड देने के लिये हुई है | तंत्र के क्षेत्र में और देह रक्षा  के लिये भगवान् भैरव से बढ़ कर कोई भी देवता नहीं   है | तांत्रिक लोग कई तरह के अभिचार प्रयोग करने के लिए भी भैरव की पूजा- अर्चना करते हैं |

भैरव की साधना करने का तात्पर्य है जीवन में सभी प्रकार की न्यूनताओं से मुक्ति प्राप्त करना |   भैरव का साधक किसी भी विपत्ति का पहले ही आभास कर लेता है |यह भैरव का रक्षा मंत्र है और वैदिक काल से भी पहले का ध्यान है  | जो साधक जीवन में आर्थिक और आद्यात्मिक प्रगति चाहते  हैं उन्हें भैरव के इस पावन ध्यान  का अवश्य पाठ करना  चाहिए | भैरव के इस रक्षा मंत्र का नित्य पाठ करने से  सभी विपतियों का निवारण होता है और भूत प्रेत बाधा से  मुक्ति प्राप्त होती है |

ध्यान 
विद्योभवां भ्रं भैरो वदेन्यं । 
सहितां सदैव क्रियामान् रूपं ।
देवोत्माम् दीर्घ वदन्य रूपं । 
रक्षोत्प्लां वै रवः भूतनाथ ।

Vidyodbhwaam Bhram Bhairoo Vadenyam
 Sahitam Sadeev Kriyamaan Roopam
Devotmaam Deerg Vadanya Roopam 
Rakshotpalma Vaii Rav Bhutnaath

                            भैरव रक्षा मन्त्र 
bhairav raksha mantra

                   Bhairava Raksha Mantra
"Om Bhram Bhram Bhram Bhairavayee Phat"

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