Know Your Isht Devta Mantra


इष्ट देवता से बात करने का प्रयोग 

 

The Isht Devta Mantra

धार्मिक मान्यताओं में हर व्यक्ति के एक इष्ट देव या देवी होते हैं|  इनकी उपासना करके ही व्यक्ति जीवन में उन्नति कर सकता है | ईष्टदेव या देवी का निर्धारण आपके जन्म-जन्मान्तर के संस्कारों से होता है | 

 

प्रश्न : इष्ट देवता क्या होते हैं और उनका पता कैसे किया जा सकता है ? 

 

गुरूजी : इष्ट देवता वो देवता है जिससे आपके प्राणों के साथ सम्बन्ध जुड़ा हुआ है | जिसको स्मरण करने पर आपके भीतर एक दिव्य एहसास होता है | और एक अलग प्रकार की पूर्णता प्राप्त होती है | इष्ट देवता को स्मरण करने मात्र से आनंद की अनुभूतियाँ शुरू हो जाती हैं | इष्ट देवता वो देवता या देवी होती है जिसकी पूजा अर्चना आप जन्म-जन्मान्तर से कर रहे हैं और आपका उनसे प्राणों से सम्बन्ध है, मन से नहीं | 

 

प्रश्न : इष्ट देव का पता चलने पर जीवन में क्या प्रभाव पढ़ता है ? 

 

गुरूजी : इष्ट देव का ज्ञान होने पर जीवन में आत्मिक आनंद की अनुभूतियाँ शुरू हो जाती हैं | जीवन में उत्साह,उमंग और यथार्थ ज्ञान का अनुभव शुरू होता है | सफलता का मार्ग दिखाई देना शुरू हो जाता है और विपत्तियाँ स्वयं ही साधक के जीवन से विमुख हो जाती हैं | जीवन में सफलता का सार ही इष्ट देवता का ज्ञान  है | 

 

प्रश्न :क्या हम बार बार अपने इष्ट देव से संपर्क स्थापित कर सकते हैं ? 

 

गुरूजी : यह संभव है परन्तु इसके लिए आपका एक समर्पण भाव अपने इष्ट के लिए सदैव होना चाहिए | जब आपके रक्त की एक-एक बूँद अपने इष्ट के लिए स्पंदित होती है, जब आपके प्राण अपने इष्ट के लिए धड़कते हैं, जब आपको प्रत्येक वस्तु में इष्ट के साक्षात्कार होते हैं तब आप अपने इष्ट से हृदय से संपर्क स्थापित कर पाते हैं | 


प्रश्न : क्या हम कोई भी इष्ट देवता मान सकते हैं ?  

 

गुरूजी : जी हाँ | आप किसी भी देवी या देवता को अपना इष्ट देव मान सकते हैं जिसमें आपकी रूचि हो | पर इष्ट देव को मानने में और इष्ट देव को जानने में काफ़ी अंतर है | आपका मन किया और अपने किसी भी देवता को इष्ट मान लिया, ठीक है | परन्तु इष्ट देव का यथार्थ ज्ञान कुछ अलग ही बात है | आपको सही मायने में अपने इष्ट देव का ज्ञान हो तो जीवन स्वर्णिम हो जाता है | आपके प्राण पग पग पर इष्ट देव को पुकारते हैं और इष्ट आपकी पुकार सुनते हैं | यह ज्यादा महत्त्वपूर्ण है | 

 

प्रश्न : क्या कोई ऐसी साधना है जिससे हम अपने इष्ट को जान सकें और उनसे जीवन का जटिल प्रश्नों की जानकारी ले सकें ?

 

गुरूजी : जी हाँ | ऐसी कई मंत्र साधनायें है जिनके माध्यम से ऐसा हो सकता है और हम अपने इष्ट को जान सकते हैं, उनका साक्षत्कार कर सकते हैं और जीवन के कई अनसुलझे रहस्यों को उजागर कर सकते हैं | ऐसी ही एक सफलतम साधना में आपको देने जा रहा हूँ जिसको करने से कोई भी साधक या साधिका अपने इष्ट का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और उनसे वार्तालाप भी कर सकते हैं | 


How To Do Isht Devta Mantra Sadhana

 

अपने सामने अपने गुरुदेव का चित्र रख दें |

अपने गुरु की संक्षिप्त पूजा करने के पश्चात् घी का दीपक और अगरबत्ती जला दें | 

इस मंत्र का जाप प्राण प्रतिष्टित पीली हकीक माला से करें |

51 दिनों में 11 माला इस मंत्र की प्रतिदिन करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है |

फिर जब मंत्र का प्रयोग करना हो देवता से बातचीत करने के लिए तब रात्रि की किसी भोजपत्र या

कागज़ पर अपनी इच्छा लिख कर 1 माला इस मंत्र का जाप करने के पश्च्चात उसको अपने तकिए के नीचे रख कर सो जाए |

रात्रि को स्वपन में देवता आपके प्रश्न का उत्तर अवश्य देंगे | 

यदि किसी को अपना इष्ट देवता का ज्ञान करना हो तो भी इस मंत्र का उपयोग किया जा सकता है | 

 

Mantra To Know The Isht Devta

 

इष्ट देवता मन्त्र 
ॐ ह्रीं विचित्र वीर्य स्वप्ने इष्ट दर्शय ह्रीं ॐ नमः | 

 

om Hreem Vichitra Veerya Swapne Isht Darshay Hreem Om Namah 

 

इष्ट देवता से बात करने का प्रयोग मंत्र साधना के लिए आवश्यक सामग्री एवं तथ्य 

 


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Published on Jun 17th, 2020


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