Shatru Stambhan Mantra


शत्रु स्तम्भन मंत्र प्रयोग Narayan Dutt Shrimali

 

Shatru Stambhan Mantra 

यह एक शत्रुहंता प्रयोग है यानि इस प्रयोग के माध्यम से हम शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते हैं या शत्रुओं को समाप्त कर सकते हैं | यह मन्त्र अपने आप में चैतन्य और अद्वितीय मंत्र है | एक प्रकार से शत्रुओं पर वज्र की तरह प्रहार करता है | और जब इस मंत्र को संपन्न करते हैं तो उस दुष्ट की उस शत्रु की बुद्धि ही भ्रमित हो जाती है | पागलपन सा उसके जीवन में आ जाता है | वह हमारी तरफ से शत्रु भाव को भूल जाता है और अपनी ही समस्याओं में उलझ जाता है | इस लिए यह मंत्र समाज में सुख प्राप्त करने के लिए और शत्रुओं को नाश करने के लिए पूर्ण सहयोगी है | 

 

This is an enemy experiment i.e. through this experiment we can conquer enemies or eliminate enemies. This mantra itself is a living and unique mantra. In a way it strikes enemies like thunderbolt. And when performing this mantra, the wicked's intelligence of that enemy gets confused. A bit of insanity comes into his life. He forgets the enemy sentiment from our side and gets entangled in his own problems. Therefore, this mantra is a complete ally to achieve happiness in society and to destroy enemies.

 

How To Perform The Shatru Stambhan Mantra

 

इसमें 3 शत्रु स्तम्भन यन्त्र अपने साधना स्थल पर रखें जो तिब्बती साधना से चैतन्य हो | प्राणश्चेतना युक्त हों | फिर इससे सम्बंधित दीक्षा प्राप्त करें | इसमें अखंड तेल का दीपक प्रज्वलित करने का विधान है |इसमें प्राण प्रतिष्ठित सर्प अस्थियों की माला या मूँगा माला का प्रयोग किया जाता है | साधक काली धोती पहन कर दक्षिण दिशा की और मुंह कर मंत्र का जाप करें | 


In this, keep 3 enemy pillar instruments at your place of meditation which are enlightened by Tibetan practice. Be mortal Then get the initiation related to it. There is a law to light a lamp of monolithic oil. In this, the rosary or coral garland of the famous snake bones is used. The seeker should wear a black dhoti and chant the mantra facing south and face.

 

इसमें नित्य 75 माला करने का विधान है और यह 9 दिन की साधना है| इस मंत्र का जाप केवल रात्रि को ही किया जा सकता है | इन 9 दिनों में साधक किसी भी प्रकार का और कार्य नहीं कर सकता है | साधना करने से पूर्व साधक अपने शत्रु के नाश के लिए यह संकल्प करे | यदि एक से अधिक शत्रु हैं तो उनका नाम ले कर और संकल्प ले कर इस साधना करें | 

 

There is a law of doing 75 daily garlands and this is a 9-day practice. This mantra can only be recited at night. In these 9 days, the seeker cannot do any more work. Before doing spiritual practice, the seeker should make this determination to destroy his enemy. If there is more than one enemy, do this sadhana by taking their name and taking a resolution.

 

और यदि शत्रु ज्ञात नहीं हो तो समस्त ज्ञात और अज्ञात शत्रुओं का संकल्प लें | इस साधना के फस्वरूप साधक से प्रतिस्पर्धा करने वाला कोई भी शत्रु नहीं रहता | इस लिए यह  शत्रु स्तम्भन साधना प्रत्येक उस व्यक्ति को करनी चाहिए जो जीवन में उन्नति चाहता है |   पत्नी दोनों मिल कर भी  साधना  संपन्न  कर सकते हैं | 


And if the enemy is not known, then resolve all the known and unknown enemies. As a result of this practice, there is no enemy competing with the seeker. Therefore, this enemy should do meditation on every person who wants to progress in life. Both of their wives can also do spiritual practice together.

 

Shatru Stambhan Mantra 

 

ॐ शत्रूणां ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ह्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं नाशय नाशय रक्त प्रवाहय रक्त प्रवाहय मम सिद्धिं देहि देहि नमः

'Om śatrūṇāṁ jvala jvala prajvala prajvala hrīṁ krīṁ krīṁ hrīṁ nāśaya nāśaya rakta pravāhaya rakta pravāhaya mama sid'dhiṁ dēhi dēhi namaḥ

 

शत्रु स्तम्भन मंत्र प्रयोग साधना के लिए आवश्यक सामग्री एवं तथ्य 

 

3 शत्रु स्तम्भन यन्त्र
 प्राण प्रतिष्टित  सर्प अस्थियों की माला या मूँगा माला
काले वस्त्र 
जप संख्या - 75 माला नित्य 
समय अवधि : 9 दिन 
दिशा : दक्षिण 
समय : रात्रि को किसी भी समय 

 


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Published on Jul 4th, 2020


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